Shayari

वो साथ थी तो मानो जन्नत थी जिंदगी दोस्तों,
अब तो हर सांस जिंदा रहने कि वजह पूछती है

पलकों से रास्ते के काटे हटा देंगे,
फूलों को क्या हम अपना दिल बिछा देंगे।
टूटने ना देंगे अपनी दोस्ती को कभी,
बदले में हम खुद को मिटा लेंगे

ऐसा नहीं था की दिल में तेरी तस्वीर नहीं थी,
बस इतना समझ लो की
हाथो में तेरे नाम की लकीर नहीं थी….

आपके आने से ज़िन्दगी कितनी ख़ूबसूरत है,
दिल में बसायी है जो वोह आपकी ही सूरत है,
दूर जाना नहीं हमसे कभी भूलकर भी,
हमे हर कदम पर आपकी ज़रूरत है,

देखने के लिए संसार को आँखें चाहिए,
प्राप्त करने के लिए लक्ष्य को कर्म चाहिए,
मैं दूर रहूँ तुमसे या रहूँ तुम्हारे पास,
धड़कने के लिए दिल को मेरे, दिल में तुम्हारा वास चाहिए।

ज़िन्दगी जब रुख बदलती है तो बताती नहीं,
अच्छाई को सताती है पर कभी हराती नहीं,
सभी ने जब तक चाहा खेला मन से मेरे,
अब तो मेरी किसी को याद भी आती नहीं।

Shayari
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